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Kashmir, Hong Kong से समझें, लोगों में लोकतंत्र, नागरिकता की समझ बची हुई है

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Ravish Kumar NDTV

रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार ग्रहण करने के लिए मनीला पहुंचे NDTV के रवीश कुमार ने अपनी स्पीच में कहा, “दुनिया के कई देशों में यह स्टेट सिस्टम, जिसमें न्यायपालिका भी शामिल है, और लोगों के बीच लेजिटिमाइज़ हो चुका है… फिर भी हम कश्मीर और हांगकांग के उदाहरण से समझ सकते हैं कि लोगों के बीच लोकतंत्र और नागरिकता की क्लासिक समझ अभी भी बची हुई है और वे उसके लिए संघर्ष कर रहे हैं… आख़िर क्यों हांगकांग में लोकतंत्र के लिए लड़ने वाले लाखों लोगों का सोशल मीडिया पर विश्वास नहीं रहा… उन्हें उस भाषा पर भी विश्वास नहीं रहा, जिसे सरकारें जानती हैं… इसलिए उन्होंने अपनी नई भाषा गढ़ी और उसमें आंदोलन की रणनीति को कम्युनिकेट किया… यह नागरिक होने की रचनात्मक लड़ाई है…”

Credit: NDTV India

Published on Sep 6, 2019

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